🚩 आज का धार्मिक समाचार (Part-2): रथ यात्रा का दूसरा दिन, देशभर में गूंजा 'जय जगन्नाथ', लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
Published Date: 17 जुलाई 2026
Category: धर्म | जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 | धार्मिक समाचार
जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: दूसरे दिन भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
भगवान श्री जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के दूसरे दिन भी ओडिशा के पुरी सहित देश के कई राज्यों में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। पुरी में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों की यात्रा आगे बढ़ी और हजारों श्रद्धालु "जय जगन्नाथ" के जयघोष के साथ रथ खींचने में शामिल हुए। मौसम की चुनौतियों के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं देखी गई।
पुरी में रथों की यात्रा फिर हुई शुरू
पहले दिन मौसम और अनुष्ठानों में हुई देरी के कारण रथों की यात्रा पूरी नहीं हो सकी थी। शुक्रवार सुबह से भगवान के रथों की यात्रा दोबारा शुरू हुई और श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ रस्सियां खींचकर भगवान को गुंडिचा मंदिर की ओर अग्रसर किया। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और लाखों श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
वाराणसी में निकली भव्य रथ यात्रा
काशी में भी भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक रथ यात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। सजे-धजे रथों पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा विराजमान हुए। हजारों श्रद्धालुओं ने "जय जगन्नाथ" के उद्घोष के साथ रथ खींचा और भजन-कीर्तन में भाग लिया।
हैदराबाद में स्वर्ण जयंती रथ यात्रा
हैदराबाद में इस्कॉन द्वारा आयोजित स्वर्ण जयंती रथ यात्रा में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। फूलों से सजे भव्य रथ के साथ निकली यात्रा में सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे मार्ग पर भजन, संकीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया।
रांची की 335वीं ऐतिहासिक रथ यात्रा
झारखंड की राजधानी रांची में भगवान जगन्नाथ की 335वीं ऐतिहासिक रथ यात्रा श्रद्धा और परंपरा के साथ निकाली गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। हजारों श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रूप से रथ खींचकर यात्रा में भाग लिया।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील
पुरी में भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों का पालन करने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। एक भीड़-भाड़ की घटना में एक श्रद्धालु की मृत्यु और कई लोगों के अस्वस्थ होने की सूचना भी सामने आई है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया है।
आध्यात्मिक संदेश
जगन्नाथ रथ यात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, सेवा, समानता और मानवता का संदेश देने वाला महापर्व है। मान्यता है कि श्रद्धा से भगवान के रथ के दर्शन करने और उनकी यात्रा में सहभागी बनने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
निष्कर्ष
रथ यात्रा 2026 के दूसरे दिन भी देशभर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। पुरी से लेकर काशी, रांची और हैदराबाद तक भगवान जगन्नाथ के जयघोष गूंजते रहे। लाखों श्रद्धालुओं ने इस दिव्य यात्रा में भाग लेकर सनातन संस्कृति की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाया।